अश्विनी वैष्णव ने एआई शिखर सम्मेलन के पहले दिन हुई अव्यवस्था के लिए मांगी माफी

नई दिल्ली, 17 फरवरी: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के पहले दिन हुई अव्यवस्था के लिए माफी मांगी है। पहले दिन कार्यक्रम में बहुत ज्यादा भीड़ हो गई थी, जिससे लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ा और काफी परेशानी हुई।
मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम को बेहतर तरीके से चलाने के लिए एक खास टीम बनाई गई है, जिसे ‘वॉर रूम’ नाम दिया गया है। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर किसी को कोई दिक्कत हुई है तो वे अपनी शिकायत जरूर बताएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्याओं को जल्दी ठीक किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “अगर किसी को कल परेशानी हुई हो तो मैं माफी मांगता हूं। हमारी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि यह कार्यक्रम सभी के लिए अच्छा अनुभव बने।”
पहले दिन इस सम्मेलन में स्टार्टअप चलाने वाले लोग, विदेश से आए तकनीकी विशेषज्ञ और कई मेहमान शामिल हुए। लेकिन ज्यादा भीड़ के कारण हालात बिगड़ गए। लंबी लाइनें लग गईं, सुरक्षा जांच में देरी हुई और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने से पहले कुछ स्टॉल खाली कराए गए।
इस दौरान कुछ लोगों ने सामान खोने या चोरी होने की शिकायत भी की।
नियो सेपियन कंपनी के सीईओ धनंजय यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि दोपहर में सुरक्षा कर्मियों ने प्रधानमंत्री के आने से पहले जगह खाली करने को कहा। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी भारत का पहला पेटेंट वाला एआई पहनने वाला उपकरण (वियरेबल) बना रही है और वे उसे दिखाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि पहले एक अधिकारी ने उन्हें वहीं रहने दिया, लेकिन बाद में दूसरी टीम ने उन्हें तुरंत वहां से जाने को कहा। जब उन्होंने पूछा कि क्या वे अपना सामान ले जाएं, तो उन्हें कहा गया कि सामान सुरक्षित रहेगा। लेकिन बाद में पता चला कि उनका वियरेबल चोरी हो गया है।
धनंजय यादव ने कहा कि उन्होंने यात्रा, रहने और स्टॉल के लिए काफी खर्च किया था। फिर भी उनका सामान एक सुरक्षित इलाके से गायब हो गया, जो बहुत निराशाजनक है।
रेस्किल के संस्थापक पुनित जैन ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शकों और स्टार्टअप के संस्थापकों को बाहर ही रोक दिया गया। वहां पानी की भी सही व्यवस्था नहीं थी और कोई साफ जानकारी नहीं दी जा रही थी।
उन्होंने कहा कि अगर प्रवेश केवल खास मेहमानों के लिए था, तो यह पहले ही बता देना चाहिए था। सभी को बुलाकर फिर बाहर रखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत का एआई भविष्य मजबूत नहीं बनाया जा सकता।



