
ओडिशा/पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में बुधवार (25 मार्च) से गहनों और अन्य कीमती सामानों का पहला खजाना ऑडिट शुरू होने जा रहा है। यह 48 से भी ज़्यादा सालों में पहली बार होगा जब मंदिर के सोने, हीरों और अन्य आभूषणों का पूरी तरह से सत्यापन किया जाएगा। 12वीं सदी के ‘रत्न भंडार’ (मंदिर का खजाना) को इस प्रक्रिया के लिए एक शुभ मुहूर्त में खोला जाएगा। यह शुभ मुहूर्त चैत्र शुक्ल सप्तमी के दिन दोपहर 12:09 बजे से 1:25 बजे के बीच रहेगा। चैत्र शुक्ल सप्तमी, हिंदू महीने चैत्र के शुक्ल पक्ष का सातवां दिन होता है, जो अक्सर देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित होता है। उड़ीसा हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी की जानी है।
ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज विश्वनाथ रथ, जो मंदिर की इन्वेंट्री कमेटी के प्रमुख हैं, ने बताया कि इस प्रक्रिया में लगभग 50 साल पुराने रजिस्टर से हर गहने का मिलान किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि कौन-सा गहना अभी भी मौजूद है, कौन-सा गायब है और कौन-सा नया जोड़ा गया है।



