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समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026/ दिव्यांगों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत पांच लोगों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि इन सभी ने पहले दिए गए कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने यह आदेश सुनाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि समय रैना ने अपने किसी भी शो में दिव्यांग लोगों को शामिल नहीं किया, जबकि अदालत ने पहले ऐसा करने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि समय रैना ने अदालत को गुमराह किया है और कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन किया है। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर कुछ मौजूद नहीं होने के बावजूद हलफनामा दाखिल करने की बात कही गई, जिससे मामला और गंभीर हो जाता है। इसी के चलते कोर्ट ने सभी पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे दो सप्ताह के भीतर जमा करना होगा।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने पर विचार किया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 3 लाख रुपये प्रति व्यक्ति कर दिया। हालांकि, अदालत ने साफ चेतावनी दी कि अगर समय रैना और अन्य लोग पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं करते हैं, तो यह जुर्माना बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक किया जा सकता है।

यह मामला क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में ऑनलाइन ऐसे कंटेंट के प्रसारण पर नियम बनाने की मांग की गई है, जो दिव्यांग लोगों के जीवन और सम्मान के अधिकार का उल्लंघन करता हो।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि समय रैना ने अपने शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी के इलाज की ऊंची लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी की थी। साथ ही इस बीमारी से पीड़ित एक व्यक्ति का मजाक भी उड़ाया था।

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना ने न तो उनकी संस्था से संपर्क किया और न ही किसी दिव्यांग व्यक्ति को अपने किसी शो में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में समय रैना और अन्य कॉमेडियनों को निर्देश दिया था कि वे हर महीने कम से कम दो कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांगों के इलाज के लिए बनाए गए फंड के लिए धन जुटाएं। इसके अलावा उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उन्हें मंच देने के लिए भी कहा गया था।

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