राज्यपाल रमेन डेका से प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ के विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों ने आज लोकभवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे।
राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया और आगामी प्रतियोगिताओं में सफलता की शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल से भेंट करने वालों में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर प्रदीप क्षत्री एवं लखपति सिंदूर, वेटलिफ्टर कैलाश सिक्का, बास्केटबॉल खिलाड़ी. सौपी सिक्का, थाई बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक विजेता कु. मानसी तांडी, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी . गंगा सोना एव. प्रतिमा सोना, फुटबॉल खिलाड़ी बोस्टो तांडी एवं राजेश महानंद, कराटे खिलाड़ी. लक्षिता तांडी, किक बॉक्सिंग खिलाड़ी कु. रीयाशा बाघ, पावरलिफ्टर कु. प्रिया हरपाल तथा ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ के विजेता रितेश पाल शामिल थे।
राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल से गेड़ी नर्तक अनिल गढ़ेवाल ने की भे रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गेड़ी लोक नर्तक एवं लोक श्रृंगार भारती, बिलासपुर के संचालक श्री अनिल कुमार गढ़ेवाल ने अपने सहयोगी श् लक्ष्मी नारायण मांडले के साथ सौजन्य भेंट की। उल्लेखनीय है की श्री गढ़ेवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह तथा 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में गेड़ी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी थी। इन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन कर दल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया।
राज्यपाल डेका ने गढ़ेवाल एवं उनकी टीम के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं। ऐसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं राज्यपाल ने गढ़ेवाल एवं उनके सहयोगियों को लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने तथा भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं दीं।



