नर्मदा नदी के किनारे फूड पॉइज़निंग से 200 तोतों की मौत

खरगोन, 2 जनवरी:/मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे फूड पॉइज़निंग की वजह से कम से कम 200 तोतों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पिछले चार दिनों में बड़वाह इलाके में नर्मदा नदी पर बने एक एक्वाडक्ट ब्रिज के पास बड़ी संख्या में तोतों के शव मिले। जांच में यह साफ हो गया है कि मौत की वजह बर्ड फ्लू नहीं है।
जिला वन्यजीव वार्डन टोनी शर्मा ने बताया कि कुछ तोते रेस्क्यू के दौरान जिंदा मिले थे, लेकिन खाए गए खाने में ज़हर इतना ज्यादा था कि वे थोड़ी देर बाद मर गए।
शुरुआत में इलाके में बर्ड फ्लू को लेकर डर फैल गया था, लेकिन पशु चिकित्सा जांच में किसी भी तरह के संक्रमण के सबूत नहीं मिले। इसके बाद वन विभाग ने ब्रिज के आसपास पक्षियों को खाना खिलाने पर रोक लगा दी है और वहां कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
मरे हुए तोतों के सैंपल आगे की जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, गलत और जहरीले खाने की वजह से यह मौतें हुई हैं।
डॉ. मनीषा चौहान, जिन्होंने पोस्टमार्टम किया, ने बताया कि तोतों में फूड पॉइज़निंग के लक्षण मिले हैं और बर्ड फ्लू का कोई संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अनजाने में पक्षियों को ऐसा खाना खिला देते हैं, जो उनके पाचन तंत्र के लिए खतरनाक होता है।
वेटरनरी एक्सटेंशन ऑफिसर डॉ. सुरेश बघेल ने बताया कि मृत तोतों के पेट में चावल और छोटे-छोटे कंकड़ पाए गए हैं। शुरुआती तौर पर यह मामला गलत भोजन, कीटनाशक लगे खेतों में चुगने और नर्मदा नदी के पानी से जुड़ा लग रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ब्रिज पर आने वाले लोग अगर पका हुआ या बचा हुआ खाना पक्षियों को खिलाते हैं, तो वही उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।




