
रायपुर/आज सेव बंगाल सेव इंडिया मूवमेंट के तहत राजधानी रायपुर में वृहद छत्तीसगढ़ हिंदू बंग सम्मेलन का आयोजन प्रणवानंद अकैडमी वीआईपी रोड में हुआ । यह कार्यक्रम संपूर्ण रूप से छत्तीसगढ़ में निवासरत बंगाली समाज के लोगो के लिए आयोजित किया गया था।
इस आयोजन में विभाजन की भिविषिका जो बंगालीयों ने अपने समाज में देखा है उसकी झलक भी थी और बंगाल के विशाल सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े हुए कार्यक्रम भी हुए।

मुख्यतः यह कार्यक्रम समर्पित था बंगाल के वर्तमान भयावह परिदृश्य के ख़िलाफ़ था। आज जो बंगालियों के सम्मान पर चोट पश्चिम बंगाल में घट रही नकारात्मक घटनाओं के कारण रोज़ पड़ रहा है उसके ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ के बंगालियों में भारी रोष देखी गयी ।
छत्तीसगढ़ हिन्दू बंग सम्मेलन में प्रदेश के कोने कोने से बंगाली समाज के लोग भारी संख्या में पहुचे थे और इस उत्साह से पहुचें थे की उनकी इस एकत्रित आवाज़ से बंगाल में चल रहे हिंदू बांग्लाभाषियों पर अत्याचार की रोकथाम हो सकेगी। इस कार्यक्रम में जगदलपुर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बिलासपुर, अम्बिकापुर, सूरजपुर, कोरिया, दुर्ग आदि जिलों से बहुतायत में सदस्य समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वाहन करने के उद्देश्य से एकजुट हुए ।

इस कार्यक्रम की शुरुवात सेव बंगाल सेव इंडिया मूवमेंट के प्रस्तावना से हुई जिसको इस मुहिम के संस्थापक गोपाल सामंतों ने रखा।

इस आयोजन के मुख्य वक्ता थे पद्मश्री कार्तिक महाराज जो विशेष रूप से इस कार्यक्रम के लिए कोलकाता से आए थे, उन्होंने छत्तीसगढ़ के समस्त बंगाली समाज से आव्हान किया की इस बार एक एक समाज का सदस्य यह ठान ले की बंगाल को बचाना है और यह अंतिम लड़ाई है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय क्षेत्रीय संघचालक डॉ पूर्णेंदु सक्सेना ने अपने उद्बोधन में देश में बंगाली समाज के योगदान को याद करवाया और यह दोहराया कि जिस समाज को स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य, विज्ञान और कला के लिए जाना जाता है उस समाज को आज एकजुट होकर बंगाल को बचाने के मुहिम में जुट जाना चाहिए।
कार्यक्रम में कोलकाता के प्रख्यात समाजसेवी और क़ानूनविद श्री देबोजीत सरकार ने भी बंगाल में परिवर्तन की ज़रूरत को लेकर अपनी बात समाज के सामने रखी।
बंगाली समाज के इस आयोजन को विशेष रूप से अपना समर्थन देने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री आदरणीय विजय शर्मा जी पहुचे और श्रोताओं से सीधा संवाद उनके बीच बैठकर स्थापित किया और उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि विवेकानंद जी के भूमि को इस तरह से मिटने नहीं दिया जा सकता है और बंगाल के गौरवशाली इतिहास को रक्तरंजित वर्तमान के भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता है।
आगे उन्होंने कहा कि जिस भूमि में माँ दुर्गा के पूजा के लिए कोर्ट के परमिशन की ज़रूरत पड़ने लगी हो उस बंगाल का वैभव टूटने के कगार तक पहुँच चुकी है। उन्होंने अंत में आह्वान किया की प्रत्येक घरों से बंगाली समाज के सदस्यों को आगे आना पड़ेगा और किसी ना किसी माध्यम से बंगाल को बचाना ही पड़ेगा।
इस कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन स्वामी शिवरूपानंद महाराज जी ने किया।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सेव बंगाल सेव इंडिया मुहिम के फाउंडर मेंबर्स विवेक वर्धन, नताशा तालुकदार, सुब्रत चाकी, तरुण वैद्य, बॉबी दास, महादेव महातो, सिद्धार्थ भट्टाचार्य, रूमा सेनगुप्ता, सुभाष साहा, श्रौती घोष साहा, रेणु नंदी, अनूप सिन्हा, सुब्रतो विश्वास, संजय भौमिक, दीपक हालदार, देबाशीष चक्रवर्ती, पिंकी सिन्हा, स्वप्ना बिस्वास आदि मौजूद रहे।



