दिल्ली दंगे में शामिल उमर खालिद और शरजीत की जमानत याचिका खारिज ,प्रियंका चतुर्वेदी का बड़ा बयान ?

दिल्ली: शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिका को SC द्वारा खारिज करने पर कहा, “उन्होंने कहा है कि UAPA के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसी कोई चीज़ नहीं होती। अब, UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं, लेकिन 5 साल से कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई है… कोई चार्जशीट नहीं है, ज़मानत नहीं मिल रही थी, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, कुछ लोगों को ज़मानत मिल गई, लेकिन इन दोनों को नहीं मिली। मुझे उम्मीद है कि इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दायर की जाएगी और कार्रवाई शुरू होगी…”
ज्ञात हो कि यूएपीए (UAPA) का मतलब गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (Unlawful Activities (Prevention) Act) है, जो भारत में गैरकानूनी गतिविधियों और आतंकवाद से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया एक कानून है; यह 1967 में बना था और 2019 में इसमें संशोधन के बाद अब व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित किया जा सकता है, जिससे केंद्र सरकार को किसी भी व्यक्ति या संगठन पर कार्रवाई करने की शक्ति मिलती है जो देश की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देता है, और इसके तहत NIA को जांच का अधिकार और कठोर सज़ा का प्रावधान है।



