
दिल्ली/ लाल किले के पास हुए बड़े धमाके के बाद अब एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आरोपी डॉ. उमर उन नबी आत्मघाती हमले को “गलत समझा गया काम” बताता है। वह कहता है कि जिसे लोग आत्मघाती हमला कहते हैं, वह असल में “शहादत का काम” होता है। उसके बोलने से पता चलता है कि वह कट्टर सोच से बहुत प्रभावित था।
वीडियो में उमर कहता है कि शहादत का काम वह होता है जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि वह एक खास जगह और समय पर ज़रूर मरेगा। वह कहता है कि लोग इस बात को ठीक से नहीं समझते और इस पर कई तरह की बहस होती है।
जांच करने वालों का कहना है कि उमर ने यह वीडियो लोगों को गुमराह करने और उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए बनाया था। उमर फ़रीदाबाद के उस टेरर ग्रुप का सबसे ज्यादा कट्टर सदस्य था, जिसने लाल किले के पास धमाके की योजना बनाई थी।
यह ग्रुप पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बताया जा रहा है। इस ग्रुप में 9–10 लोग थे, जिनमें 5–6 डॉक्टर शामिल थे। वे अल-फला यूनिवर्सिटी से जुड़े थे और अपनी पहचान का फायदा उठाकर धमाका करने की चीजें जुटाते थे।
10 नवंबर को हुए इस धमाके में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। धमाके की ताकत इतनी ज्यादा थी कि आसपास की दुकानें टूट गईं और पुरानी दिल्ली में डर और अफरा-तफरी फैल गई।



