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‘NMDC बचेली’ ने जीता राष्ट्रीय CSR पुरस्कार, ‘बेस्ट पीएसयू फॉर ओवरआल एक्सीलेंस’ में मारी बाजी…

रायपुर। एनएमडीसी ने एक ओर लौह अयस्क उत्पादन तो दूसरी ओर समाज के अनेक वर्गों का उत्थान करते हुए देश में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। एनएमडीसी, बचेली ने सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए हाल ही दिल्ली में ईटी एसेंट द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में सीएसआर अंतर्गत ‘बेस्ट पीएसयू फॉर ओवरआल एक्सीलेंस इन सीएसआर’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरुस्कार जीता है।

विदित हो कि एनएमडीसी को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ही नहीं बल्कि निजी क्षेत्र के उपक्रमों में भी अपने उत्कृष्ट सी.एस.आर कार्यों हेतु जाना व पहचाना जाता है| उत्कृष्ट सी.एस.आर हेतु एनएमडीसी को राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

उपरोक्त पुरुस्कार को एनएमडीसी, बचेली कॉम्प्लेक्स की ओर से सीएसआर व सीसी के विभागाध्यक्ष ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुए भव्य समारोह में स्वीकार किया। तत्पश्चात सीएसआर व सीसी के विभागाध्यक्ष ने एनएमडीसी, बचेली के मुख्य महाप्रबंधक को ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट सौंपा। ईटी एसेंट द्वारा इस आयोजन के पूर्व विभिन्न कंपनियों द्वारा श्रेणी अनुसार नॉमिनेशन फॉर्म भरने के साथ-साथ एक विस्तृत आलेख ईमेल द्वारा प्रस्तुत करने को कहा गया था जिसमें एनएमडीसी, बचेली को बेस्ट पीएसयू फॉर ओवरआल एक्सीलेंस इन सीएसआर में उत्कृष्टता के लिए चयनित कर पुरुस्कृत किया गया है।

एनएमडीसी सामाजिक विकास को प्राथमिकता देते हुए निरंतर विभिन्न समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करने तथा ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए दशकों से निवेश करती आई है और शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, अधोसंरचना विकास, पेयजल, महिला सशक्तिकरण, आय सृजन, आजीविका में सुधार के अवसर इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करते हुए कार्य कर रही है । इसी लक्ष्य के साथ ही एनएमडीसी, बचेली क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह निरंतर प्रयास कर रही है ताकि यहाँ के स्थानीय ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।

एनएमडीसी, बचेली शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है जिसका उद्देश्य यहाँ के छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान कर रोजगार के लिए तैयार करना है। एनएमडीसी की ओर से यहाँ के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति समुदायों के छात्रों को डी ए वी व केंद्रीय विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त दंतेवाड़ा में एजुकेशन सिटी की भी स्थापना की गयी है जिसमें दिव्यांग छात्रों को शिक्षा तथा अन्य सुविधाएँ प्रदान करने हेतु सक्षम विद्यालय का निर्माण किया गया है तथा जिनके अभिभावकों की मृत्यु हिंसा या किसी कारण से हो गयी है उनको प्राथमिकता देते हुए आस्था गुरुकुल का निर्माण किया गया है एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु ‘छू लो आसमान’ एवं ‘लक्ष्य’ की स्थापना की गयी है।

साथ ही साथ एनएमडीसी, बचेली ने यहाँ के युवाओं को तकनिकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु तकनिकी शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कदम उठाए हैं जिसमें एनएमडीसी आईटीआई, भांसी व एनएमडीसी पॉलिटेक्निक, जवांगा सम्मिलित है। यहाँ पर यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से छात्रों का चयन कई प्रसिद्ध राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में जैसे कि एनएमडीसी प्रोजेक्ट, अडानी सोलर पावर, मारुती सुजुकी मोटर्स, मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट, स्काई ऑटोमोबाइल, स्नाईडर, याजकी इंडिया, बजाज मोटर्स इत्यादि में होता आ रहा है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में एनएमडीसी, बचेली यहाँ के स्थानीय आदिवासियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ एनएमडीसी अपोलो अस्पताल बचेली में प्रदान करवा रही है। एनएमडीसी, बचेली ने दंतेवाड़ा व बीजापुर जिले के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में अपना योगदान देते आई है जैसे कि जीवन रक्षक मेडिकल उपकरणों को उपलब्ध कराना जिसमें डिजिटल एक्स रे मशीन, फुल्ली आटोमेटिक बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर, कार्डियक मॉनिटर विथ वेंटीलेटर, सेमि-आटोमेटिक बायो केमिस्ट्री एनलाइज़र, इको कार्डीग्राफी पोर्टेबल और सीटी स्कैन, ब्लड कलेक्शन यूनिट, एम्बुलेंस इत्यादि शामिल हैं I जिसके परिणामस्वरूप अब अस्पताल में सर्जरी एवं गंभीर रोगों का उपचार किया जाना संभव है I

महिला सशक्तिकरण क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए एनएमडीसी, बचेली ने बालिका शिक्षा योजना संचालित की है जिसमें बस्तर क्षेत्र की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को नर्सिंग कोर्स के लिए प्रायोजित किया जाता है जिसमें छात्राओं को रोज़गार के अवसर प्रदान किये जाते हैं। इस योजना का उद्देश्य आदिवासी छात्राओं को स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिक्षित कर रोजगार के लिए तैयार करना है। इस कड़ी में एनएमडीसी, बचेली द्वारा जिला प्रशासन की साझेदारी में लग-भग 2 लाख सेनेटरी नैपकिन का भी उत्पादन प्रारंभ कर महिलाओं को वितरित किए गए किया जिसका लक्ष्य महिला स्वच्छता एवं रोजगार सृजन था।

यहाँ के किसानों की आय सृजन में वृद्धि हेतु एनएमडीसी, बचेली सीएसआर विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है जैसे केंचुआ खाद निर्माण द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देना, फलदार पौधे उपलब्ध कराके उससे आय सृजन कराना जैसे नारियल, आम, लीची इत्यादि, फलदार वृक्षारोपण, सब्जी उत्पादन, के तहत स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि कराने हेतु प्रयासरत है।

अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी एनएमडीसी, बचेली ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं जैसे कि दंतेवाड़ा और बचेली के गौरव पथ का निर्माण, एजुकेशन सिटी में विद्यालय भवन (हॉस्टल/आश्रम) का निर्माण, शौचालय, प्रतीक्षालय का नवीनीकरण, गांवों में सड़क, पुल-पुलिया का निर्माण कार्य, सामुदायिक भवन का निर्माण, स्वास्थ्य केन्द्र (उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, समुदायक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पतक), सोलर ऊर्जा आधारित विद्युतीकरण का समाधान तथा आय सृजन के लिए डेरी शेड व ड्रग वेयरहाउस का निर्माण इत्यादि।

एनएमडीसी, बचेली पेयजल के क्षेत्र में बस्तर जिले में विभिन्न गतिविधियां संचालित की है जो जल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में वरदान साबित हो रही है जैसे आईआरपी इंस्टालेशन, हैंडपंप बोरवेल की स्थापना और सोलर ड्यूल पंप आदि।

खेलों को बढ़ावा देने हेतु एनएमडीसी, बचेली अपना पूरा सहयोग दे रही है जिसके अंतर्गत एजुकेशन सिटी, जवांगा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण करवाया गया है । बीजापुर स्थित स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में भी एनएमडीसी, बचेली अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है जहाँ से इस क्षेत्र के खिलाडी देश- विदेश में खेलने गए है और वहाँ पर उन्होंने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण खेलों के लिए भी एनएमडीसी द्वारा भरपूर आर्थिक सहयोग किया जाता है।

उपरोक्त सभी योजनाएं स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा एक सकारात्मक व प्रगतिशील वातावरण का निर्माण कर रही है। एनएमडीसी, बचेली द्वारा संचालित इन योजनाओं के सहयोग से स्थानीय समुदायों को सशक्त किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप इनके जीवन स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है।

परियोजना प्रमुख ने सहयोग के लिए एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को सीएसआर को समय-समय पर राशि तथा मार्गदर्शन करने हेतु धन्यवाद दिया।

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