छत्तीसगढ़

सीएम बघेल ने ग्रामीणों के समस्याओं का निकाला हल, रिकॉर्ड एवं नक्शा भुईंया पोर्टल में हुआ अपलोड…

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट-मुलाकात कार्यक्रम भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम डोंगरकट्टा वासियों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस गांव के सम्पूर्ण जमीन का रिकार्ड ई.ओ.डब्ल्यू. द्वारा जप्त कर वापस नहीं किया गया था, जिसके कारण यहां के खातेदारों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था, जिसे वे 25 वर्षों से झेल रहे थे, अब वह समस्या हल हो गई है। ग्राम डोंगरकट्टा के जमीन का सम्पूर्ण दस्तावेज एवं जमीन का नक्शा भुईंया पोर्टल में अपलोड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार जिला प्रशासन कांकेर द्वारा शासन स्तर पर पत्र व्यवहार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज ग्राम डोंगरकट्टा के जमीन का नक्शा भुइंया सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया है, इससे ग्रामवासियों के साथ-साथ 110 खातेदारों को भी फायदा मिलेगा।

भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम भानबेड़ा में 03 जून को भेंट-मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की फीडबैक ली जा रही थी तथा ग्रामीणों से उनकी समस्या व शिकायतों के संबंध में पूछताछ किया जा रहा था। उस समय ग्राम डोंगरकट्टा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री बघेल से गुहार लगाते हुए बताया कि ग्राम डोंगरकट्टा के संपूर्ण जमीन के रिकार्ड को ई.ओ.डब्ल्यू. द्वारा जप्त कर लिया गया है, जिसे वापस नहीं करने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के किसानों का खाता, बंटवारा, सीमांकन, खरीदी-बिक्री इत्यादि कार्य नहीं हो पा रहे हैं, इसके कारण उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों की पीड़ा को सुनकर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध में कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था।

निर्देशानुसार ग्राम डोंगरकट्टा के जमीन के रिकॉर्ड को भुईंयॉ साफ्टवेयर में अपलोड कराने के लिए लगातार प्रयास किया गया जिसके परिणामस्वरूप ग्राम डोंगरकट्टा के सम्पूर्ण राजस्व रिकॉर्ड एवं नक्शा को आज भुंईयां साफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया है। अपने गांव के जमीन का रिकार्ड एवं नक्शा भुइंया सॉफ्टवेयर अपलोड होने पर ग्राम डोंगरकट्टा के ग्रामीण बेहद खुश हैं। गांव के वरिष्ठ नागरिक राकेश कोरेटी ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि अब हमें जमीन के रिकॉर्ड संबंधी समस्या का सामना नहीं करना पडे़गा, सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण इत्यादि सुविधाओं का लाभ मिलेगा, साथ ही शासकीय योजनाओं से भी लाभान्वित होंगे।

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