
भुवनेश्वर /ओडिशा कैडर के 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी जगमोहन मीणा के इस्तीफे का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। जगमोहन मीणा ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जगमोहन मीणा का त्यागपत्र प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है, लेकिन सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक स्वीकृति मिलना अभी बाकी है। अखिल भारतीय सेवा नियमों के अनुसार किसी आईपीएस अधिकारी का त्यागपत्र केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से स्वीकार किए जाने के बाद ही प्रभावी होता है। ऐसे में जगमोहन मीणा औपचारिक रूप से इस्तीफा स्वीकार किए जाने तक सेवा में बने रहेंगे।
1989 में जन्मे जगमोहन मीणा ओडिशा कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। मूल रूप से राजस्थान निवासी जगमोहन मीणा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के पूर्व छात्र हैं। 37 वर्षीय जगमोहन मीणा ने आधिकारिक तौर पर दिसंबर, 2013 को कार्यभार संभाला, उन्हें पहली पोस्टिंग कालाहांडी जिले में उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में मिली थी। जगमोहन मीणा 2019 में ओडिशा के माओवादी प्रभावित जिलों में एक मालकानगिरि पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए सफल माओवादी विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर चर्चा में आए।
मीडिया से बातचीत में जगमोहन मीणा ने इस फैसले को अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया व्यक्तिगत निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि इस मामले में मेरी निजता का सम्मान करें। जगमोहन मीणा ने इस्तीफे के पीछे संभावित बाहरी दबाव को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह का दबाव या बाहरी कारण शामिल नहीं है। यह निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत है। जगमोहन मीणा ने ओडिशा के लोगों का आभार जताया है और पूरे करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।



